जून 2026 में खत्म हो रहे 2025-26 फसल वर्ष में भारत का खाद्यान्न उत्पादन 5 फीसदी से ज्यादा बढ़ने का अनुमान है। खास बात यह है कि चावल उत्पादन नया रिकॉर्ड बना सकता है। देश में इस बार 154 मिलियन टन से ज्यादा चावल उत्पादन होने की उम्मीद है, जिससे भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बना रहेगा।
सरकार ने खरीफ, रबी और जायद, तीनों सीजन की फसलों के तीसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान जारी किए हैं। इसमें गेहूं उत्पादन का अनुमान थोड़ा बढ़ाया गया है, जबकि कपास उत्पादन घटाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 2025-26 का मजबूत उत्पादन आने वाले समय में किसी संभावित गिरावट से निपटने में मदद करेगा। मौसम विभाग पहले ही सामान्य से कम मानसून की आशंका जता चुका है। मानसून 26 मई की तय तारीख तक नहीं पहुंच पाया है और एल नीनो के असर से सूखे का खतरा भी बढ़ रहा है।
गेहूं उत्पादन का अनुमान पहले 120.21 मिलियन टन था, जिसे अब बढ़ाकर 120.66 मिलियन टन कर दिया गया है। यह तब है जब कई इलाकों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल को नुकसान हुआ था। सरकार के तीसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक, 2024-25 के 117.94 मिलियन टन के मुकाबले इस बार गेहूं उत्पादन 2.3 फीसदी ज्यादा रहने का अनुमान है। यह भी एक नया रिकॉर्ड होगा।


